lies

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MY BEST FRIEND

By | 2016-11-25T09:55:12+00:00 November 2nd, 2016|Categories: Blog|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , |

Many years back when I was studying Shiv Yog medicine under Baba ji, a very interesting incident occurred. Why I say the incident was important because it changed my whole world view. As I sat there with my huge pestle, grinding away herbs, a man was brought to Baba ji by his wife, just like a [...]

DIWALI MESSAGE 2016: What defines a festival?

By | 2016-11-25T10:12:22+00:00 October 14th, 2016|Categories: Uncategorized|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , |

The concept that some lives matters more then others is the root cause of all evil in the world. It's this superiority complex that is drilled into children by their parents or teachers or community or religion. Telling them that as they belong to a certain thought that somehow they are superior to others. This sense [...]

SAINTS IN THE SYSTEM

By | 2016-11-25T10:08:43+00:00 September 30th, 2016|Categories: Blog|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , |

All great civilizations, all great Kings, all great empires and all great men had great saints to guide them. Saints would be spiritual advisers and ensured that the moral compasses were always working in men of higher power. It was a common understanding that learning could only teach what was right and hence must be complemented [...]

पितृ तर्पण के लिए पहले माता पिता का सम्मान करना सीखें

By | 2016-11-25T10:08:11+00:00 September 28th, 2016|Categories: Hindi|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , |

  मैं अपने पिता से बहुत प्रेम करता हूँ| मुझे उनके साथ रहने में बहुत आनंद आता है | उनका एक अंश हमेशा मेरे साथ रहता है किंतु एक अंश मेरे भीतर रहता है, सदा ख़याल रखता है| उनका जो अंश मेरे साथ रहता है वह मेरा बहुत ख़याल रखता है, मेरा मार्गदर्शन करता है और [...]

LET THE BEST START FROM ME, LET ME BE THE ACHIEVER OF THE UNACHIEVED

By | 2016-11-25T09:26:33+00:00 September 19th, 2016|Categories: Uncategorized|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , |

  "कभी कोई मुकाम ऐसा लगे की यह तो किसी ने पार नहीं किया या कर नहीं पाया तो यह मत, तो यह मत कहना के क्योंकि किसी और ने इसे सिद्ध नहीं किया तो मैं भी नहीं कर सकता| ऐसे में कहना - हे माँ प्रकृति  अगर तुझ में पहल होनी है तो मैं बनु [...]

गुणात्मक जीवन जीने से मिलेगा मोक्ष न की मात्रात्मक जीवन जीने से

By | 2016-11-25T09:20:41+00:00 September 19th, 2016|Categories: Uncategorized|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , |

नमः शिवाय! सोमवार को भोपाल के पीपल्स मॉल में शिवयोग एडवांस प्रतिप्रसव शिविर के तीसरे दिन का अनुष्ठान करने पधारे आचार्य ईशान शिवानंदजी ने अपने प्रवचन में गुणात्मक जीवन जीने पर ज़ोर दिया| यह उन्होंने इन शब्दों में ज़ाहिर किया: "नीरस जीवन तो हर कोई जी रहा है| ज़रूरतों की पूर्ति के पीछे तो सभी भाग [...]

CHANGE ACTION TO CHANGE RESULT

By | 2016-11-26T07:13:43+00:00 September 18th, 2016|Categories: Uncategorized|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , |

        "Change the process to change the outcome. Mango will give birth to mango, not apple. Like tree, like seed."

शिवयोग प्रति प्रसव साधना है आत्मा रुपी बीज को सही प्रकृति देने की प्रक्रिया

By | 2016-11-26T07:09:48+00:00 September 17th, 2016|Categories: Uncategorized|Tags: , , , , , , , , , , , , , , , |

शिवयोग प्रति प्रसव साधना है आत्मा रुपी बीज को सही प्रकृति देने की प्रक्रिया;प्रति प्रसव का साधना कक्ष है जैसे आत्मा की व्यायामशाला नमः शिवाय! मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पीपल्स मॉल में शनिवार को शिवयोग की प्रति प्रसव साधना का आगाज़ करने पहुँचे सिद्ध गुरु अवधूत शिवानंद के सद्शिष्य और सुपुत्र - युवा संत [...]