आप अपनी योग्यता से अधिक योग्य हैं

आप अपनी योग्यता से अधिक योग्य हैं

एक बार कुछ समय पहले की बात है। मैं अपने पिताजी के साथ गंगा माँ के छोर पर बैठा था। अपनी प्राकृतिक निठुरता के साथ वो पावन नदी उस प्रकार बह रही थी की मानो एक उत्सुक मासूम बच्चा बेफिक्र होकर चट्टानों और पत्थरों को नाचते हुए कागज़ समान चीर रहा हो। पानी की ध्वनि उतनी ही रहस्यवादी होते हुए गगनभेदी भी थी जैसे की माँ दुर्गा का शेर मेरे सामने ही दहाड़ रहा हो। मैं लेट कर आवक मुग्ध अवस्था में अपने आस पास कई अनगनित लोगों की कालातीत प्राचीन अनुष्ठान करने की विस्मयता को देखता रहा। मैं सोचता रह गया कि वो ऐसी भूमि थी जो समय के साथ अप्रभावित रही और जहां प्राचीनकाल से, भगवान राम के राज के बाद से वही दृश्य उसी प्रकार से दोहराते रहे हैं जिस प्रकार से ‘बिग बैंग’ के बाद से एक इलेक्ट्रान नुक्लेउस के आस पास घूमता है आंसू भरी आंखों से एक पुत्र अपने पिता की राख को अंतिम अलविद कह रहा था। एक आशाप्रद माँ अपनी बेटी का सर मुंडवा रही थी। एक वृद्ध संत वहां अपनी प्रार्थना बुदबुदा रहा था, और वहीं एक उद्यमी लड़की, यात्रियों को छोटे छोटे आटे के गोले, मछलियों को खिलाने के लिए, बेच रही थी । वही दृश्य कई सदियों से चले आ रहे थे। कथानक वही था लेकिन कलाकार अलग थे। कुछ बदला नहीं था फिर भी सब कुछ अलग था।

जैसे जैसे गंगा अपनी विनम्रता और गर्माहट लिए मेरी उलझे बालों के बीच से बहती गयी, मैं अपने ख्यालों को सोचेते हुए गहरी साधना में उतर गया। शायद वो मेरे गुरु की इच्छा थी, या शायद वो उस पावन भूमि की शक्ति थी की मुझे अचानक बहुत गर्माहट महसूस होने लगी। वह अनुभव असहनीय हो गया, मुझे लगा जैसे किसी ने मेरे शरीर की प्रत्येक कोशिका को प्रज्वलित कर दिया। ऐसी तीव्र गर्मी जैसे की किसी ने मुझे मैं सूरज के केंद्र में धकेल दिया हो। मैं एक पागल आदमी की तरह चिल्ला कर अपने गुरु को बुलाने लगा कि वो मुझे बचा लें। उन्हें में तरफ देख कर पूछा की क्या हो गया और मैं अत्यंत दर्द में चिल्ला उठा की मेरी शरीर मे%

By |2016-11-26T07:47:05+00:00September 6th, 2016|Categories: Blog, Hindi|Tags: , , , , , , , , |Comments Off on आप अपनी योग्यता से अधिक योग्य हैं

About the Author:

Humanitarian | Visionary | Pioneer of Meditative Innovation | Wellness Wizard | Author: ON A QUEST TO HELP GOOD PEOPLE BECOME BETTER: 3000 workshops, 7 continents, 1 million participants and counting.....